Топ-100 ⓘ मौखिक काव्य कला. अन्य कलाओं की तरह, मौखिक कविता में भी विशेष
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ⓘ मौखिक काव्य कला

अन्य कलाओं की तरह, मौखिक कविता में भी विशेषज्ञता पाने के लिए कौशलता और बारीकियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है| मौखिक कविता के द्वारा, कवी अपनी कविता के अर्क को पारदर्शी रूप से दिखा सकते हैं| मौखिक कविता और लिखी हुई कविता में यह अंतर है की एक लिखे हुए कविता को दर्शक अपने भावना और लहज़ा के हिसाब से पढ़ते हैं, और मौखिक कविता को कवी ही अपने अंदाज़ में सुनाते हैं| भावना को व्यक्त करने के लिए भौतिक रूप से उपस्थित होने की क्षमता मौखिक काव्यात्मकता एक व्यक्ति को देता है|

                                     

1. इतिहास

हालांकि मौखिक काव्य कला कुछ सालों पहले ही प्रसिद्द होनी शुरू हुई है, उसका इतिहास हज़ारों साल पुराना है| उस काल में, बहुमत लोग निरक्षर थे, तो बहुत सारे कवी मौखिक काव्य कला को अपनी पेशा के रूप में अपना लिए| मध्यकाल में, ज़्यादातर यूरोप में आवारा कवी अपने भोजन के लिए संगीत वाद्ययंत्र के साथ अपने कविताओं के प्रदर्शन करते थे| उन क्षेत्रों में जहां साक्षरता व्यापक हो गई, इस मौखिक परंपरा को पढ़ने से ग्रहण किया गया, और कविता साहित्यिक रूप से अधिक हो गई- हालांकि कविता अभी भी दर्शकों के लिए प्रदर्शन की जाती है ।अल्फ्रेड टेनीसन बीसवीं शताब्दी की शुरुआत में कविता का एक महान पाठक होने के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे|

अगर समकालीन मौखिक काव्य कला पर विचार-विमर्श की जाये, तोह उसका मूल दो जगाओं पर है| एक हैं वेल्श कवी डिलन थॉमस| बीसवीं शताब्दी के पांचवे दशक में उन्होंने अमेरिका में यात्रा करते-करते मौखिक काव्य कला की वृद्धि की| आधुनिक समय में और शायद इतिहास में डिलन थॉमस मौखिक कविता के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों में से एक थे। मौखिक काव्य कला का दूसरा उद्गम स्थल है बीसवीं शताब्दी के पांचवे दशक के उत्तरार्ध में उत्पन्न हुई बीट पोएट्री मूवमेंट|

बीट पोएट्री मूवमेंट की उत्पत्ति सैन फ्रांसिस्को में हुई, जिसमें एलन गिन्सबर्ग, जैक केरोउक, लॉरेंस फेरलिंगहेट्टी, गैरी स्नाइडर और अन्य जैसे कवियों का नेतृत्व किया गया। यही वह जगह है जहां "बीटनिक" शब्द का जन्म हुआ|सन 1960 के दशक में "द लास्ट पोएट्स" के साथ आधुनिक मौखिक काव्य कला का काल आरम्भ हुआ| द लास्ट पोएट्स ग्रुप का जनम अफ्रीकी अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन के वक़्त हुआ था| इस संस्था के लोग ने इस संस्था के द्वारा राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देते थे और निराशा को प्रकट किया करते थे| नील कैस्सडी, एलन जिन्सबर्ग, जैक केराओक बीट कविता संचलन के कुछ प्रमुख कवी हैं|

                                     

2. भारतीय मौखिक काव्य कला उद्भव

मौखिक काव्य कला के इतिहास के भारतीय पहलु की भी कहानी कुछ ऐसी ही है| राजाओं ने कवियों को संरक्षण दिया, और यह कवी अपनी रची हुई काव्य को संगीत वाद्ययंत्र के साथ गाके सुनाते थे| आधुनिक मौखिक काव्य कला भारत में अब फ़ैल चुकी है| लोग अंग्रेजी के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओँ में मौखिक काव्य की रचना करते हैं| कविता को प्रोत्साहित करने के लिए संचलन किए जा रहे हैं, और संभाषण भी रखे जाते हैं ताकि लोग इस कला को जान पायें और सीख पायें| साथ ही साथ मौखिक काव्य के कवियों के समुदाय बनाये जा रहे हैं जो स्पर्धाओं का आयोजन करते हैं| जैसे इस बढ़ती प्रतिभा के कारण भारत की पहली कॉलेजिएट प्रतियोगिता, नेशनल यूथ पोएट्री स्लेम एनवाईपीएस, 17-18 सितंबर 2016 को बंगलौर में आयोजित की गई। जिस तरह बटन पोएट्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय है, उसी प्रकार भारत में- स्पिल पोएट्री, एयरप्लेन पोएट्री मूवमेंट, टेर्रिबली टाइनी टेल्स प्रसिद्द हैं| कल्कि कोएच्लिन, अरन्या जोहर, अमनदीप सिंह, याह्या बूटवाला और दानियाल भारत के कुछ लइकोकप्रिय प्रदर्शि कवियों में से हैं|

मौखिक काव्य कला की व्यापक आलोचना की जाती है और उसे साहित्य के रूप में नहीं माना जाता है- उसके सरलता के कारण| मौखिक काव्य अक्सर ऐसे लगता है जैसे कवी आपसे सीधा बात कर रहें हो| इस कला ने कई लोगों, विशेष रूप से युवाओं के दिल को छू लिया है और कोई भी आत्मविश्वास से कह सकता है कि यह कला लंबे समय तक रहेगा और युवाओं को साथ लाएगा|

                                     
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शब्दकोश

अनुवाद

मौखिक अभिव्यक्ति के रूप.

काव्य दर्पण. अन्य सहगामी क्रियाएं भी आयोजित की जा सकती हैं, जैसे बाल सभा,वाद विवाद, समाचार वाचन, काव्य प्रतियोगिता, नाट्य मौखिक अभिव्यक्ति के विकास में कुछ समस्यायें भी आ सकती हैं जिसके कारण यह प्रक्रिया सही से नहीं हो पाती। अभिव्यक्ति के पश्चात जिस कौशल पर शिक्षक ध्यान देता है, वह है पठन कौशल अर्थात लिखित भाषा को पढ़ने की कला एवं क्षमता।. लिखित अभिव्यक्ति का महत्व. जीने की जनजातीय कला in Hindi. लोक कला की प्रमुख विशेषता है उसकी मौखिकता और इसी मौखिक गुण से रचनाकार बिम्ब लेता है अपनी रचना के लिए! केदारनाथ सिंह लोक से जुड़े हुए रचनाकार हैं! उनकी सभी रचनाओं में लोक रचा – बसा मिलता है! उनके काव्य की इस प्रमुख विशेषता को. मौखिक अभिव्यक्ति के साधन लिखिए. CTET hindi level 1 hindi last year questions MockTime. अपनी बात को अपने ढंग से सृजनात्मक तरीके से अभिव्यक्त ​मौखिक, लिखित, संकेतिक रूप से करने की आजादी हो। अन्य विषयों, व्यवसायों, कलाओं आदि जैसे – गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, नृत्यकला, चिकित्सा आदि में प्रयुक्त होने वाली.


मौखिक अभिव्यक्ति की विशेषताएं.

अनटाइटल्ड rmlau. 13643: लोक साहित्य का सहज सौन्दर्य उनके मौखिक रूप में ही कहा जाता है कि लोक साहित्य शिष्ट काव्य कला की कसौटी पर. लिखित अभिव्यक्ति के साधन. LJ 8.p65 Sol. बालकाण्ड का भाव और कला पक्ष। इकाई 4. घनानंद कवित्त प्रेम की पीर के कवि घनानंद, घनानंद की भक्ति भावना, घनानंद के काव्य की विशेषताएँ। इकाई 5 अ. श्रव्य माध्यम रेडियो मौखिक भाषा का प्रकृति, समाचार लेखन एवम् वाचन, रेडियो नाटक​।. मौखिक अभिव्यक्ति का क्या अर्थ है. केदारनाथ सिंह के काव्य का लोकपक्ष Ignited Minds. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने लिखा हैं – सूरसागर किसी चली आती हुई गीतकाव्य परंपरा का, चाहे वह मौखिक ही रही हो, पूर्ण विकास सा प्रतीत प्रवासजनित वियोग के संदर्भ में भ्रमरगीत प्रंसग तो सूर के काव्य कला का उत्कृष्ट निदर्शन है।.


मेरे शहर के साहित्यिक हालात.

3 मौखिक. 4, भौगोलिक. 14. पवन शब्द में प्रयुक्त संधि है 1 यण. 2 अयादि. 3 वृद्धि. 4 गुण. का विलोम शब्द है 3 कोप. 4 पतन. 1 दया 2 अनुग्रह किया है, उसके मूल में भी यही धारणा है और उसने कल्पना का काव्य या कला में अत्यधिक. महत्त्व मानते हुए. काव्य कला Kavya Kala गोपाललाल E Pustakalaya. ल आदिलशाही सुल्तानों ने स्वयं ही काव्य रचना की थी। व उनकी रचना 1 हमारे देश के साहित्यशास्त्रियों ने कला के लिए कला की समस्या को व्यापक रूप में देखा था। 6 आशय यह है कि कला संबंधी शास्त्र आचार संबंधी शास्त्र से भिन्न है। व य र ल. सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र सीसीआरटी. मूल परम्परा मौखिक है, इसीलिए शास्त्रीय दृष्टि से इसे शैल्पिक गठन का कोई प्रारूप. नहीं बन भक्ति, श्रृंगार, समस्यापूर्ति जो भारतेन्दु युगीन गीत काव्य का विषय था उससे सहृदय वे अपने अहं को और अपनी काव्य कला को सर्वोपरि महत्व देने लगे।.





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६. सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला. ७. सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन. अज्ञेय सम्पूर्ण काव्य. आधुनिक काव्य करना होगा। क शोध प्रविधि । ख लोक साहित्य. ग कथा साहित्य. घ । निबन्ध. लघुशोध प्रबन्ध. च प्रयोजनमूलक हिन्दी. मौखिक परीक्षा. राष्ट्रीय भाषा से जुड़कर देश की तरक्की में योगदान. मौखिक अभिव्यक्ति के निम्नलिखित रूप होते हैं 1 काव्य ​पाठ 2 टेलीफोन वार्ता 3 कहानी कहना 4 समाचार वाचन 5 भाषण समाचार सुनने से सामान्य ज्ञान में वृद्धि तो होती ही है, साथ ही साथ बोलने की कला व विषय के अनुकूल वाचन का ज्ञान भी​. E ∑§ ∑§Áfl ÊÒ⁄U ‚eaUàÿ∑§Ê⁄U. मैं ही लिखित, मैं ही मौखिक । मैं ही पुरूष, मैं ही नारी। मैं अवतार, मैं ही अवतारी। मैं ही हल्का,मैं ही भारी। मैं ही फकीर, मैं ही दरबारी। मैं ही काल,मैं ही महाकाल । मैं ही मृत्युलोक​, मैं ही पाताल । मैं ही समय,मैं ही चाल। मैं ही भविष्य, मैं ही. Page 1 सी0एस0जे0एम0 वि0वि0 कानपुर बी0ए0 हिन्दी. प्राचीन मौखिक साहित्य को लिखित रूप संभवत: अशोक और गुप्त साम्राज्य के काल के बीच में मिला जान पड़ता है। प्राचीनतम पढ़ी जाने अमीर ख़्ाुसरो ने ऐसे काल में लेखन किया जब कला और काव्य का संरक्षण से करीबी संबंध् था। कवि और कलाकार स्वयं.


Page 1 मगध विश्वविधालय एम० ए० हिन्दी द्वितीय वर्ष.

डी.लिट. 18.06.1994 शोध शीर्षक: छायावादी काव्य का छंदशास्त्रीय अध्ययन राजुला मालूशाही उत्तराखंड की प्रेमाख्यानपरक गाथा 2004 आदिवासी लोक कला परिषद्. म.प्र. कुमाऊँ का मौखिक प्रबंध काव्य आ, हिलाँस साप्ताहिक, अल्मोड़ा,1981. 9. मौखिक काव्य कला. सूचना खडगपुर,ठाकुरद्वारा. NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 6 कीचड़ का काव्य. पाठ्यपुस्तक के प्रश्न अभ्यास. मौखिक निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए. प्रश्न 1. रंग की शोभा ने क्या कर दिया? उत्तर लाल रंग की शोभा ने कमाल कर.


Page 1 पद AMOH. प्रवक्ता प्रो. देवसिंह पोखरिया.

इन दोनों महाकाव्‍यों की रचना करने में अत्‍यधिक लम्‍बा समय लगा था और गायकों तथा कथावाचकों द्वारा इन्‍हें मौखिक रूप से काव्‍य में रचनात्‍मकता का संयोजन शामिल है, वास्‍तव में, भारतीय संस्‍कृति में कला और धर्म के बीच विभाजन यूरोप त‍था चीन. MergedFile Ranchi University. मां वैष्णव देवी मंदिर प्रांगण में बही काव्य रस की धारा खरसिया नवसृजन साहित्य एवं कला मंच के अध्यक्ष मनमोहन सिंह ठाकुर, अंचल के सक्रिय व्यक्तित्व, युवा साहित्यकार राकेश नारायण बंजारे जी सहित सभी कवि मंच पर विराजमान थे।. Aalhakhand Aur Alhait IGNCA. 10 सूरदास और उनका काव्य गोवर्द्धन लाल शुक्ल ब्रज साहित्य मंडल, मथुरा. 11 सूर की काव्य साधना गोविन्द राम शर्मा नेशनल पब्लिशिंग हाउस नई. दिल्ली. 12 सूर की काव्य कला– मनमोहन गौतम– एस चंद एण्ड संस दिल्ली. 13 सूर सौरभ मुंशी राम शर्मा.


Page 1 University Centre for Distance Leaming. Y DEVI LA. AUX.

इकाई 4 हिन्दी कवि आचार्यों का काव्य शास्त्रीय चिन्तन लक्षण काव्य परम्परा एवं कवि. शिक्षा। हिन्दी के प्रमुख कबीर का समाज दर्शन, कबीर की भक्ति भावना, कबीर की काव्य कला​. कबीर का रहस्यवाद। मौखिक भाषा की प्रकृति। समाचार लेखन एवं. अनटाइटल्ड 88 DDE, MDU, Rohtak. उदाहरण के लिए रीतिमुक्त कवियों का काव्य रीतिकाल की मुख्य धारा की प्रवृत्तियों से. अलग हैं। उसमें उस काल खंड के साहित्य की आंतरिक या बाह्य संवेदना की किसी मूलभूत विशेषता को प्रतिपादित नहीं करता।काव्य कला काल. एक सामान्य नाम है। दूसरे, इन रचनाकारों की भाषा की शैली में मौखिक. परंपरा की. HindiGen9th. ६० तथा मौखिक परीक्षा २० अंकों की होगी। ३. द्वितीय वर्ष वर्ष के लिए मौखिक परीक्षा का प्रावधान नहीं है। ४. प्रथम सत्र के विद्यापति के काव्य में गीति पद्धति. काव्य कला. विद्यापति के काव्य की देन. विद्यापति के काव्य में अलंकार योजना. ११.


हीर रांझा, सोहनी महिवाल की मोहब्बत के किस्से.

पंजाबी साहित्य में प्रेम गाथाओं की भूमिका का अंदाज़ा इस तथ्य से हो जाता है कि साहित्य और कला की हर विधा की बुनियाद क़िस्सा काव्य में प्रेमी भौगोलिक, सामाजिक दस्तूऔर सांस्कृतिक बंदिशों को पाकर के एक दूसरे के प्यार में कुर्बान होते हैं. मौखिक से लिखित में दर्ज होने वाली पंजाबी भाषा की सबसे पहली प्रेम गाथा हीर राँझा है. दामोदर. भाषा कौशल एवं इसके प्रकार हिंदी शिक्षा शास्त्र. किसी साहित्य की प्रवृति विशेष, यथा संत काव्य आधुनिक हिन्दी साहित्य, 1919 1947. स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी साहित्य मगध प्रक्षेत्र का साहित्य में से एक का अध्ययन अपेक्षित है. अथवा. हिन्दी भाषा शिक्षण अनुवाद: कला बोलीविज्ञान एवं. ग्रीक पुराण में भी हैं नौ देवियां Grehlakshmi. मैथिलीशरण गुप्त व्यक्तित्व और काव्य. ५. मैथिलीशरण युग ​चारण दिनकर. ३३. राष्ट्रीय कवि दिनकर और उनकी काव्य कला. ३४. चेतना के रंग. निबन्ध संचयन.: साहित्य सरोवर. डॉ० गोपीनाथ तिवारी. पंचम प्रश्न पत्र मौखिकी. पम मौखिक. पूर्णांक १००. ​. ५. M.A Hindi Syllabus Semester System. संभाषण कला. रंग आलेख एवं. रंगमंच अथवा. भाषा कम्प्यूटिंग. लोक साहित्य. आधुनिक भारतीय. साहित्य. चलचित्र लेखन. अथवा. समाचार संकलन. और लेखन 1.1 काल विभाजन एवं नामकरण, आदिकालीन काव्य धाराएँ सिद्ध, नाथ एवं जैन. साहित्य. 1.2 प्रमुख रासो. महाकवि सूरदासजी श्रीयुत पंडित रामचंद्र शुक्ल. सूरसागर किसी चली आती हुई परंपरा का चाहे वह मौखिक ही रही हो​ पूर्ण विकास सा जान पड़ता है, आगे चलनेवाली परंपरा का मूल रूप अब सूर की कला निपुणता के, काव्य के बाह्यांग के, सम्बन्ध में यह समझ रखना चाहिए कि वह भी उनमें पूर्ण रूप से वर्तमान है।.


डिटेल्स Details: Vani Prakashan.

क् की, और इसलिए कलाओं में वाङ्मय की, प्राथमिकता भारतीय परम्परा का एक अभिन्न अंग रही है। श्रव्य अथवा इससे अगली पन्द्रह शतियों में संस्कृत में न केवल श्रेष्ठ काव्य रचना हुई जो मौखिक अथवा वाचिक परम्परा में ही सुरक्षित रही।. SM1 Hindi School of Open Learning. जीने की जनजातीय कला बस्तर में मौखिक काव्य की परंपरा गीत व नृत्य और जीवन के साथ उनके संबंध के मूल में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। बस्तर की जनजातियों के लिए काव्य शब्दों के एक चतुर प्रसंस्करण की तुलना में कहीं अधिक है। किसी. साहित्य उत्सव आज से Jansatta. अत: यह कहना अनुचित न होगा कि अमीर खुसरो ने संगीत कला के अनुसार कव्वाली की उन्नति और इसको विशिष्ट विधा बनाने में अपनी तबीयत के अनुसार ही क्योंकि खुसरो का हिन्दी काव्य लोक में प्रचलित मौखिक परम्परा से प्राप्त होता है।. Page 1 हिन्दी विभाग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय. मूल्य Rs. 0 पृष्ठ 261 साइज 28 MB लेखक रचियता गोपाललाल खन्ना Gopal Lal Khanna काव्य कला पुस्तक पीडीऍफ़ डाउनलोड करें, ऑनलाइन पढ़ें, Reviews पढ़ें Kavya Kala Free PDF Download, Read Online, Review. VBS पूर्वांचल यूनिवर्सिटी, जौनपुर. अनुवाद अत्यन्त प्राचीन एवं श्रम साध्य कला है. जिसका महत्व आज प्रत्येक समतुल्य रखने पर जोर देते हुए कहते है कि काव्य कला अन्ततः उन शब्दों पर निर्भर. 10 उपयुक्त माध्यमों से हिन्दी का मौखिक प्रचलन ही अधिक मात्रा में हुआ था। कोश. व्याकरण.





ढाई लाख विद्यार्थी देंगे अर्द्धवार्षिक परीक्षा.

इनके लिए कविता कला से ज्यादा जीवन की अदम्य लालसा गतिशीलता की संवाहक. है। रचनाएँ प्रायः लोकगीतों, भजन मंडलियों की मौखिक परम्परा में ही सीमित थी, तथा वैसे सर्वप्रथम हिन्दी दलित कविता में दलितों द्वारा लिखे गये काव्य की बात. बुन्देलखण्ड काव्य का ऐतिहासिक Sandharb IGNCA. इनके दो ग्रन्थ आल्हाखण्ड तथा परमाल रासो लोक भाषा के प्रथम मौखिक काव्य माने जाते हैं। इनका लिखित स्वरुप कला बनाया है। म.प्र. आदिवासी लोक कला परिषद भोपाल ने तीन वर्ष में आल्हा खण्ड के पैंतिस पाठों का दस्तावेजीकरण किया है। सन् १९९३. अनटाइटल्ड Deemed University. भाषा ही किसी कवि के काव्य का वाह्य आकार है और उसके. काव्य का शरीर है। अपनी प्रतिभा एवं कला के द्वारा सरस, संगीतमय, सुमधुर एवं सम्पन्न बना. दिया। सर्वप्रथम सूर आती हुई गीति काव्य परम्परा का चाहे वह मौखिक ही रही हो पूर्ण. विकास सा. BES 145B2H.p65 eGyanKosh. इकाई 10 में पाश्चात्य काव्य सास्त्र रा प्रमुख चिंतक ​कालरीज अर उणारी जीवनी काव्य सिद्धान्त अर. योगदान रो ओक भेद मानता थका वै साहित्य अथवा काव्य कला री सरावणा यूं करी है – जिणरी रचना कंवळे अर ललित सिरजण मौखिक परम्परा में ई हुयो।.


हिन्दी भाषा और अमीर खुसरो.

बुंदेली में रचा था। यद्यपि आल्हाखण्ड लिखित रूप में उपलब्ध नहीं है तथापि यह काव्य मौखिक परम्परा ईसुरी ने अपने काव्य में बुन्देली की हजारों नई उपमाएँ और नए रूपक. गढ़े हैं। उत्तररामचरित. थोड़े शब्दों में वर्णित कर देने की कला में भवभूति. अनटाइटल्ड. ऋषि मुनियों की तपोस्थली देवभूमि का एक ऐसा मौखिक काव्य शास्त्र जो सदियों पुरानी थाती के रूप में उत्तराखंड विधा में समृद्ध केदारखंड गढ़वाल के पास जागर की 18 जबकि मानसखंड कुमाऊं में 16 ताल की अनूठी कला विद्यमान है।. सूरदास का जीवन परिचय और रचनाएँ Surdas हिंदी. सिद्ध नाथ एवं जैन साहित्य, साहित्यिक प्रवृत्तियाँ, काव्य धाराएँ, प्रतिनिधि टी.एस. इलियट – कला की निर्वैयक्तिकता, कॉलरिज कल्पना सिद्धांत मुद्रण, श्रवण, दृश्य श्रव्य, इंटरनेट, श्रवण माध्यम रेडियो, मौखिक भाषा की. प्रकृति.


ढोल सागर यानी गढ़वाल कुमाऊं का दर्शन शास्त्र.

भिन्न होती है। मौखिक भाषा जब लिखित रूप में प्रयुक्त होती है तब वह गंभीर हो जाती है, विज्ञान, कला, संचार, आदि के लिए भी इसका प्रयोग अपेक्षित हे। कार्यालय आदिकाल का नामकरण और काल सीमा, आदिकालीन काव्य प्रवृत्तियाँ, रासो. काव्य. NCERT Solutions For Class 9 Sparsh Hindi Chapter 6 Learn CBSE. अकादमी का पहले से ही देश के पूर्वोत्तर हिस्सों में अपना जनजाति एवं मौखिक साहित्य केंद्र है और अब उसने हाल ही दिल्ली में भी ऐसा ही केंद्र खोला Hindi News कला और साहित्य अकादमी जनजाति भाषा काव्य उत्सव का आयोजन करेगी।. मां वैष्णव देवी मंदिर प्रांगण में बही काव्य रस की. द्वितीय सत्र के अंत में प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए २० अंकों की मौखिक. परीक्षा होगी। २. पुराने प्रश्नपत्र ६ विशेष स्तर मध्ययुगीन हिंदी काव्य सूरदास, बिहारी, घनानंद. प्रश्नपत्र ७ विशेष विद्यापति के काव्य में काव्य कला. ७. विद्यापति के​. अनटाइटल्ड mmhapu. दमन, हर्षदीप, गुरलीन, सृष्टि, यशनदीप, सुबरीत, पलक, पंकज प्रिया, अजदीप, रमनदीप कौर ने चित्र कला के जरिए जशनदीप ने कविता उच्चारण, रवनीश ने संतों की बाणी, जैनीफर ने भक्ति काल के कवियों की काव्य कला को मौखिक रूप में प्रस्तुत किया. Page 1 काव्यानुवाद की समस्याएँ: तिरस्कार कविता. यथार्थ और भौतिक जीवन की विडम्बना और मृदुल भावना लोक के द्वन्द्व से उनके कंठ से फूटे गीत गान मौखिक रूप में ही सदियों विडम्बना ही है, कि भारतीय काव्य परम्परा की इन दो हार्दिक हस्तियों की स्वर साधना से हिन्दी भाषा साहित्य अब तक.


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