Топ-100 ⓘ मिर्जापुर जिले के पर्यटन स्थल .. सूचना | यह क्या है?
पिछला

ⓘ मिर्जापुर जिले के पर्यटन स्थल ..



                                               

गुरुद्वारा बाग, मिर्जापुर

श्री गुरू तेग बहादुर जी का यह गुरूद्वारा मिर्जापुर जिले स्थित वाराणसी के दक्षिण से 40 किलोमीटर की दूरी पर अहरौड़ गांव में स्थित है। यह गुरूद्वारा नौवें सिख गुरू, तेग बहादुर को समर्पित है। यह गुरूद्वारा, गुरूद्वारा बाग साहिब के नाम से प्रसिद्ध है। माना जाता है कि 1666 में वाराणसी की यात्रा के दौरान गुरू जी इस जगह पर आए थे। इस गुरूद्वारे में एक वर्गाकार हॉल और कई छोटे-छोटे कमरें हैं। गुरूद्वारे की इमारत बेहद खूबसूरत है। गुरूद्वारे के ठीक पीछे एक छोटा सा बगीचा स्थित है। 1742 में प्रकाशित पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब की हस्तलिपि आज भी यहां संरक्षित है। इसके अतिरिक्त, गुरूद्वारा बाग साहिब में हाथ से ...

                                               

चुनार का किला

मिर्जापुर के चुनार में स्थित चुनार किला कैमूर पर्वत की उत्तरी दिशा में स्थित है। यह गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर बसा है। यह दुर्ग गंगा नदी के ठीक किनारे पर स्थित है। यह किला एक समय हिंदू शक्ति का केंद्र था। हिंदू काल के भवनों के अवशेष अभी तक इस किले में हैं, जिनमें महत्वपूर्ण चित्र अंकित हैं। इस किले में आदि-विक्रमादित्य का बनवाया हुआ भतृहरि मंदिर है जिसमें उनकी समाधि है। किले में मुगलों के मकबरे भी हैं। लेकिन सरकार की लापरवाही से यह किला अब खंडहर होकर नष्ट होने के कगापर है,यहां पर जो अशिक्षित गाइड हैं वह आने वाली पर्यटकों को गलत जानकारी देकर भ्रमित करते हैं

                                               

तारकेश्वर महादेव, मिर्जापुर

तारकेश्वर महादेव मंदिर उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर शहर में स्थित है।विन्ध्याचल के पूर्व में स्थित तारकेश्‍वर महादेव का वर्णन पुराण में भी किया गया है। मंदिर के समीप एक कुण्ड स्थित है। माना जाता है कि तराक नामक असुर ने मंदिर के समीप एक कुण्ड खोदा था। भगवान शिव ने ही तराक का वध किया था। इसलिए उन्हें तारकेश्‍वर महादेव भी कहा जाता है। कुण्ड के समीप काफी सारे शिवलिंग स्थित है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने तारकेश्‍वर के पश्चिम दिशा की ओर एक कुण्ड का खोदा था और भगवान शिव के मंदिर का निर्माण किया था। इसके अतिरिक्त, ऐसा भी कहा जाता है कि तारकेश्‍वर देवी लक्ष्मी का निवास स्थल है। देवी लक्ष्म ...

                                               

महात्रिकोण, मिर्जापुर

महात्रिकोण मंदिर, उत्तर प्रदॆश के मिर्जापुर शहर में स्थित है। यह मंदिर विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा की ओर स्थित है। देवी काली और संकट मोचन के दर्शन करने के बाद भक्त अपनी परिक्रमा संत करनागिरी बावली के दर्शन करके पूरी करते हैं। कालीखोह के आस-पास अन्य कई मंदिर जैसे आनन्द भैरव, सिद्धनाथ भैरव, कपाल भैरव और भैरव आदि स्थित है। विन्ध्याचल मंदिऔर परिक्रमा पूरी करने के पश्चात् मन को बेहद सुकून प्राप्त होता है। यह पूरी यात्रा महा त्रिकोण के नाम से प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि महा त्रिकोण की परिक्रमा करने से भक्तों की इच्छा पूरी होती है। मंदिर स्थित विन्ध्यावशनी देवी के दर्शन करने के पश्चात् ...

                                               

रामेश्वर महादेव, मिर्जापुर

रामेश्‍वर मंदिर मिर्जापुर जिला के विन्ध्याचल में स्थित है। यह जगह राम गया घाट पर, मिर्जापुर से लगभग आठ किलोमीटर की दूरी पर है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम ने इस जगह पर शिवलिंग की स्थापना की थी।

                                               

कांतित शरीफ, मिर्जापुर

कांतित शरीफ में ख्वाजा इस्माइल चिस्ती का मकबरा, स्थित है। प्रत्येक वर्ष हिन्दू व मुस्लिम दोनों मिलकर उर्स का पर्व मनाते हैं। मकबरे के समीप ही मुगल काल की एक मस्जिद स्थित है। यह मस्जिद काफी लंबी है। जिस कारण इसे लॉगी पहलवान मस्जिद के नाम से जाना जाता है।

                                               

शिवपुर, मिर्जापुर

शिवपुर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में स्थित है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्री राम चन्द्र ने अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध विन्ध्याचल क्षेत्र में ही किया था। माना जाता है कि भगवान श्री राम भगवान शिव के उपासक थे। इस जगह पर भगवान राम ने पश्चिम दिशा की ओर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की थी। इसी कारण यह जगह रामेश्‍वर नाम से प्रसिद्ध हुई और इस जगह को शिवपुर के नाम से जाना जाता है।

                                               

सीता कुंड, मिर्जापुर

सीता कुण्ड मिर्जापुर में स्थित है। अष्टभुजा मंदिर के पश्चिम दिशा की ओर सीता जी ने एक कुंड खुदवाया था। उस समय से इस जगह को सीता कुंड के नाम से जाना जाता है। कुंड के समीप ही सीता जी ने भगवान शिव की स्थापना की थी। जिस कारण यह स्थान सीतेश्‍वर के नाम से प्रसिद्ध हो गया। सीता कुंड के पश्चिम दिशा की तरफ भगवान श्री राम चंद्र ने एक कुंड खोदा था। जिसे राम कुण्ड के नाम से जाना जाता है। इसके अतिरिक्त शिवपुर स्थित लक्ष्मण जी ने रामेश्‍वर लिंग के समीप शिवलिंग की स्थापना की थी, जो कि लक्ष्मणेश्‍वर के नाम से प्रसिद्ध है।

                                     

ⓘ मिर्जापुर जिले के पर्यटन स्थल

  • 82.58 म र ज प र व न ध य चल भ रत क उत तर प रद श र ज य क शहर ह यह म र ज प र व न ध य चल ज ल क म ख य लय ह पर यटन क द ष ट स म र ज प र व न ध य चल
  • म र ज प र शहर स लगभग स ल म ल क द र पर स थ त ह ट ड जलप रप त स क छ द र पर खज र ब ध और व न ध य म झरन भ स थ त ह व न ध य म झरन वन व भ ग क प रम ख
  • र म श वर म द र म र ज प र ज ल क व न ध य चल म स थ त ह यह जगह र म गय घ ट पर, म र ज प र स लगभग आठ क ल म टर क द र पर ह प र ण क कथ क अन स र, भगव न
  • उत तर प रद श क म र ज प र शहर म स थ त ह व न ध य चल क प र व म स थ त त रक श वर मह द व क वर णन प र ण म भ क य गय ह म द र क सम प एक क ण ड
  • श वप र उत तर प रद श क म र ज प र म स थ त ह प र ण क कथ क अन स र भगव न श र र म चन द र न अपन प त र ज दशरथ क श र द ध व न ध य चल क ष त र म ह
  • श र ग र त ग बह द र ज क यह ग र द व र म र ज प र ज ल स थ त व र णस क दक ष ण स 40 क ल म टर क द र पर अहर ड ग व म स थ त ह यह ग र द व र न व
  • र ज य उत तर प रद श क एक ज ल एव ल कसभ क ष त र ह ज ल क म ख य लय ब र ब क ह ब र ब क ज ल म न म नल ख त पर यटन व ध र म क स थल ह - ल ध श वर मह द व
  • क म र ज ल ब ह र क बक सर ज ल एव उत तर प रद श क ग ज प र ज ल क उत तर, झ रख ड क गढ व ज ल क दक ष ण, उत तर प रद श क चन द ल एव म र ज प र ज ल क पश च म
  • ज ल क उत तर द श म ज नप र प र व म व र णस और म र ज प र दक ष ण और पश च म म इल हब द स थ त ह सबस प रस द ध ग ग घ ट र मप र क घ ट ह ज ल क
  • त रक श वर मह द व, म र ज प र मह त र क ण, म र ज प र श वप र, म र ज प र स त क ड, म र ज प र च न र क क ल च न र व ध यव स न ध म म र ज प र उत तर प रद श क
  • अव यवस य क पर यटन स थल ह ज न ह ख ज आप र म च त ह सकत ह ऐत ह स क नगर त म न म व न ध यव स न म द र अत प र च न म द र ह यह अश क नगर ज ल स दक ष ण
  • ह यह श हरतगढ तहस ल क ग र म प च यत पल ट द व म अत प र च न म द र ह स द ध र थनगर ज ल ब द ध धर म क भ बह त बड पर यटन स थल ह यह पर भगव न ब द ध
                                     
  • यह क प रम ख पर यटन स थल म ग ल द वक ल ल ल ट न थ और फ र ग म द र आद व श ष र प स प रस द ध ह क ष त रफल क द ष ट स यह ज ल उत तर प रद श क सबस
  • प रद श क म र ज प र शहर म स थ त ह यह म द र व न ध य चल र लव स ट शन क दक ष ण द श क ओर स थ त ह द व क ल और स कट म चन क दर शन करन क ब द भक त
  • स नभद र ज ल क म ख य लय ह यह शहर उत तर प रद श क दक ष ण प र व क न पर स थ त ह स नभद र ज ल क गठन 4 म र च 1989 क म र ज प र जनपद क दक ष ण ह स स
  • स थ न ह आप सब यह आकर इस पर यटन स थल क ल त फ उठ सकत ह और भ ल ब ब क दर शन कर सकत ह और न व दन ह क क र व क इत ह स म इसक भ ज ड ज ए
  • और ग प त र घ ट ग ल ब ब ड तथ बह ब गम क मकबर यह क प रम ख एव प रस द ध पर यटन स थल म स ह छ वन छ त र स लग ह आ ग प त र घ ट म अवस थ त
  • स म क स म वर त ज ल बहर इच स महज 40 क ल म टर क द र पर स थ त ह उत तर प रद श क इस ज ल क पहच न व श व क क न - क न म आज ब द ध त र थ स थल क र प
  • यह क प रम ख पर यटन स थल ह ऐत ह स क द ष ट स भ इट व क फ महत त वप र ण म न ज त ह इट व क ज म मसज द प र च न ब द ध य ह द म द र क ख डहर
  • स त क ण ड म र ज प र म स थ त ह अष टभ ज म द र क पश च म द श क ओर स त ज न एक क ड ख दव य थ उस समय स इस जगह क स त क ड क न म स ज न ज त
  • यह स थ त प रम ख पर यटन स थल म श तल म द र, द र ग द व म द र, प रभ षग र और र म म द र व श ष र प स प रस द ध ह इल ह ब द क दक ष ण - पश च म स 63

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →