गंडमाला

गंडमाला रोग में मनुष्य के शरीर की लसीका ग्रंथियों, विशेषत: ग्रीवा की लसीका ग्रंथियों में दोष उत्पन्न हो जाता है। यक्ष्मा प्रकृति के बच्चों में यह रोग प्राय: अधिक होता है।

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1. कारण
संतुलित तथा पुष्टिकारक भोजन का अभाव, अस्वस्थ तथा दूषित वातावरण में रहने तथा दूषित दूध के उपयोग से रोग की अवस्था उपस्थित हो सकती है। बच्चों में जब भी शरीर में रोग से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, गंडमाला होने की संभावना रहती है। यह रोग अधिकतर यक्ष्माजीवाणु के शोथ के कारण होता है। यदि उचित उपचार न किया जाए तो लसीका ग्रंथियाँ फोड़े का उग्र रूप धारण कर लेती हैं।

2. उपचार
इस रोग का मुख्य उपचार स्वच्छ वायु का सेवन, प्रकाशयुक्त वातावरण में रहना तथा पुष्टकर भोजन है। यह केवल रोग का उपचार ही नहीं, वरन्‌ इससे रोग की रोकथाम भी की जा सकती है। स्ट्रेप्टोमाइसीन तथा अन्य औषधियों का जो यक्ष्मा में प्रयुक्त होती हैं। इस रोग में भी उपयोग करने से नाभ होता है।

मांस धातु

मांस धातु के सामान्‍य कार्यों का सारांश 5- गलशुंडी 9- गन्‍डमाला 7- अलजी 8- गलगन्‍ड या अन्‍य ग्रन्थियों का शोथ 6- पूतिमांस 10- उपजिव्हिका 3- मांस कील 1- अधि म...