Топ-100 ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 49

ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 49



                                               

अष्टलक्ष्मी

अष्टलक्ष्मी का अर्थ है, लक्ष्मी के आठ विशेष रूप। लक्ष्मी के आठ रूप ये हैं- आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, सन्तानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।

                                               

अस्तेय

अस्तेय का शाब्दिक अर्थ है - चोरी न करना। हिन्दू धर्म तथा जैन धर्म में यह एक गुण माना जाता है। योग के सन्दर्भ में अस्तेय, पाँच यमों में से एक है। अस्तेय का व्यापक अर्थ है - चोरी न करना तथा मन, वचन और कर्म से किसी दूसरे की सम्पत्ति को चुराने की इच् ...

                                               

अहम् ब्रह्मास्मि

                                               

आकूति

आकूति स्वयंभुव मनु और शतरूपा की तीन कन्याओं में से प्रथम कन्या थी। आकूति का विवाह रुचि प्रजापति के साथ हुआ। आकूति के गर्भ से एक पुत्र तथा एक कन्या का जन्म हुआ। आकूति के पुत्र को स्वयंभुव मनु ने ले लिया। आकूति की कन्या का नाम दक्षिणा था। दक्षिणा क ...

                                               

आचार

                                               

आदित्य

ये कश्यप ऋषि पत्नी अदिति से उत्पन्न हुऐ थे और इनकी गणना बारह आदित्यों में की जाती है इसको भगवन सूर्य के नाम से भी जाना जाता है 33 कोटि प्रकार देवी देवताओं में १२ आदित्य हैं,जो इस प्रकार हैं-

                                               

आदिशक्ति

आदिशक्ति को पुराणों मे देवी के रूप मे विद्यमान किया गया है । उन्हे ही आदिपराशक्ति की उपमा भी दी गयी है । उनसे ही अस्तित्व है और उन्ही से विनाश । जब कुछ नहीं था तब भी वो थी, आज सब कुछ है तब भी वो है, और जब कुछ भी नहीं होगा तब भी वही होगी । उनके अं ...

                                               

आप (जल)

आप वैदिक संस्कृत में जल के लिए शब्द है। प्राचीन वैदिक संस्कृत जब शास्त्रीय संस्कृत में परिवर्तित हो गई तो यह शब्द केवल बहुवचन रूप में देखा जाने लगा, जो आपस है। इसी शब्द का अवस्ताई भाषा में सजातीय रूप आपो और फ़ारसी में रूप आब है।

                                               

आपद्धर्म

आपद्धर्म का अर्थ है संकट काल में अपनाया जाने वाला धर्म, विशेष परिस्थितियों में अपनाया जाने वाला धर्म। महाभारत के शान्ति पर्व इसी नाम से एक उपपर्व है। आपद्धर्म के सम्बन्ध में एक रोचक कथा छांदोग्य उपनिषद में है। यह कथा उषस्ति की कथानाम से जानी जाती ...

                                               

आरती

अधिक विकल्पों के लिए यहां जाएं - आरती आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है। इसमें जलती हुई लौ या इसके समान कुछ खास वस्तुओं से आराध्य के सामाने एक विशेष विधि से घुमाई जाती है। ये लौ घी या तेल के दीये की हो सकती है या कपूर की। इसमें वैकल्पिक रूप से, घी ...

                                               

आर्योद्देश्यरत्नमाला

इस पुस्तक में क्रमवार १०० शब्दों की परिभाषा दी गई है। ईश्वर, धर्म, अधर्म से प्रारंभ कर के उपवेद, वेदांग, उपांग आदि की परिभाषा यहाँ उपलब्ध है। अधिकतर परिभाषाएँ इन शब्दों के लोक व्यवहार में प्रयुक्त अर्थों से भिन्न हैं, अर्थात् शाब्दिक अर्थ और भावा ...

                                               

आश्रम

प्राचीन काल में व्यक्तिगत व्यवस्था के दो स्तंभ थे - पुरुषार्थ और आश्रम। सामाजिक प्रकृति-गुण, कर्म और स्वभाव-के आधापर वर्गीकरण चार वर्णो में हुआ था। व्यक्तिगत संस्कार के लिए उसके जीवन का विभाजन चार आश्रमों में किया गया था। ये चार आश्रम थे- ब्रह्मच ...

                                               

इक्षुरस का सागर

विष्णु पुराण के अनुसार यह पृथ्वी सात द्वीपों में बंटी हुई है। ये सातों द्वीप चारों ओर से सात समुद्रों से घिरे हैं। ये सभी द्वीप एक के बाद एक दूसरे को घेरे हुए बने हैं और इन्हें घेरे हुए सातों समुद्र हैं। इक्षुरस का सागर प्लक्षद्वीप को घेरे हुए है ...

                                               

इज़राइल में हिंदू धर्म

भट्ठी-हरीश में भक्तों का एक समूरह रहा है। इज़राइल में एक और वैष्णव समुदाय एरियल में है। इसका नेतृत्व जगदीश और उनकी पत्नी जुगाला-प्रीति द्वारा किया जाता है, और रूस के भक्तों के बढ़ते समुदाय की सेवा करता है जो गंभीर आर्थिक उत्पीड़न से बचने के लिए इ ...

                                               

इण्डोनेशिया में हिन्दू धर्म

सन २०१० के आँकड़ों के अनुसार इन्दोनेशिया में कुल जनसंख्या के १.७ प्रतिशत लोग हिन्दू हैं। इण्डोनेशिया में ६ आधिकारिक धर्म हैं जिनमें हिन्दू धर्म भी सम्मिलित है। इण्डोनेशिया में हिन्दू धर्म का पदार्पण पहली शताब्दी में व्यापारियों तथा रामायण और महाभ ...

                                               

इतिहास (हिन्दू धर्म)

                                               

इन्द्र

इन्द्र हिन्दू धर्म में सभी देवताओं व स्वर्ग के राजा का सबसे उच्च पद है जिसकी एक अलग ही चुनाव-पद्धति थी। इस चुनाव पद्धति के विषय में स्पष्ट वर्णन उपलब्ध नहीं है। वैदिक साहित्य में इन्द्र को सर्वोच्च महत्ता प्राप्त है लेकिन पौराणिक साहित्य में इनकी ...

                                               

इष्ट-देव

                                               

उच्चाटन

उच्चाटन एक प्रकार का मंत्रप्रयोग है जो प्रेत, पिशाच, डाकिनी आदि के निवारण या नियंत्रण हेतु किया जाता है। आदिम विश्वास है कि प्रेत या डाकिनी के उत्पात या कुदृष्टि से रोग उत्पन्न होते हैं और ऐसा विश्वास होता है कि इनके निवारण से रोगों का शमन और दु: ...

                                               

उपदेश

                                               

ऋग्वेद संहिता

ऋग्‍वेद-संहिता ऋग्वैदिक वाङ्मय का मन्त्र-भाग है। इसमें 1017 सूक्‍त हैं। इसे विश्‍व का प्राचीनतम ग्रंथ माना जाता है। विद्वानों के अनुसार ऋग्‍वेद 3500 वर्षों से भी अधिक प्राचीन है।

                                               

ऋत

ऋत वैदिक धर्म में सही सनातन प्राकृतिक व्यवस्था और संतुलन के सिद्धांत को कहते हैं, यानि वह तत्व जो पूरे संसाऔर ब्रह्माण्ड को धार्मिक स्थिति में रखे या लाए। वैदिक संस्कृत में इसका अर्थ ठीक से जुड़ा हुआ, सत्य, सही या सुव्यवस्थित होता है। यह हिन्दू ध ...

                                               

ऋत्विज्

यज्ञयाग में यजमान को श्रौतकर्म करानेवाला व्यक्तिविशेष ऋत्विज् कहलाता है। ऋत्विजों की संख्या में कर्मो के अनुसार पर्याप्त भिन्नता है। अग्निहोत्री के घर पर प्रात: और सायंकाल होम करनेवाला ऋत्विज एक ही होता है, परंतु दर्श इष्टि में तथा पौर्णमास इष्टि ...

                                               

ऋषि

ऋषि भारतीय परंपरा में श्रुति ग्रंथों को दर्शन करने वाले जनों को कहा जाता है। वे व्यक्ति विशिष्ट जिन्होंने अपनी विलक्षण एकाग्रता के बल पर गहन ध्यान में विलक्षण शब्दों के दर्शन किये उनके गूढ़ अर्थों को जाना व मानव अथवा प्राणी मात्र के कल्याण के लिय ...

                                               

एक शरण धर्म

एक शरण धर्म शंकरदेव के वैष्णव संप्रदाय का एक पन्थ है। इस धर्म में मूर्तिपूजा की प्रधानता नहीं है। धार्मिक उत्सवों के समय केवल एक पवित्र ग्रंथ चौकी पर रख दिया जाता है, इसे ही नैवेद्य तथा भक्ति निवेदित की जाती है। इस संप्रदाय में दीक्षा की व्यवस्था ...

                                               

एरावती/शोभावति

नागमाता कद्रि का पुत्र एरावत नागवन्श का महाप्रतापी राजा हुआ, उसकी पत्नी का नाम शोभा था, दोनो भगवान शन्कर के परम भक्त थे, लेकिन दोनों की एक भी सन्तान नही थी, एक दिन भगवान शन्कर नें उन्हे दर्शन दिए और कहा कि तुम्हे एक पुत्री रत्न की प्राप्ती होगी ज ...

                                               

ऐतरेय ब्राह्मण

ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेद की एक शाखा है जिसका केवल "ब्राह्मण" ही उपलब्ध है, संहिता नहीं। ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेदीय ब्राह्मणों में अपनी महत्ता के कारण प्रथम स्थान रखता है। यह "ब्राह्मण" हौत्रकर्म से संबद्ध विषयों का बड़ा ही पूर्ण परिचायक है और यही इसका ...

                                               

ओम जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे, इस आरती का प्रकाशन गीताप्रेस से हुआ। इसके रचनाकार भक्त स्वामी शिवानन्द सरस्वती हैं। वे इसे अपने प्रवचन के बाद गाते थे। आरती- आरती| श्री विष्णु भगवान् - जय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे. जय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे। मायातीत, ...

                                               

ओम पर्वत

ओम पर्वत, 6191 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में से एक है। यह पर्वत नाबीडागं से देखा जा सकता है। नाबीडांग से कुट्टी गांव होते हुए आप लिटिल कैलाश, आदि कैलाश,बाबा कैलाश जोकि जोंगलिंगकोंग के नाम से प्रचलित स्थान पर स्थित है हम जा ...

                                               

कठ्ठा

कठ्ठा वैदिक काल की हिन्दू लम्बाई मापन की इकाई है। यह ना कि लम्बाई, वरन क्षेत्रफल की इकाई है। यह भारत के साथ साथ नेपाल में भी प्रयुक्त होती है। एक योजन बराबर होता है चार कोस के। यानि 13-16 कि.मी. 100 योजन से एक महायोजन बनता है। चार गाव्यूति = एक योजन

                                               

कनफटा

कनफटा गोरख संप्रदाय के योगियों का एक वर्ग है। दीक्षा के समय कान छिदवाकर उसमें मुद्रा या कुंडल धारण करने के कारण इन्हें कनफटा कहते हैं। मुद्रा अथवा कुंडल को दर्शन और पवित्री भी कहते हैं। इसी आधापर कनफटा योगियों को दरसनी साधु भी कहा जाता है। नाथयोग ...

                                               

कर्मकाण्ड

विभिन्न अवसरों पर की जाने वाली पारम्परिक पूजा-ऋचा का क्रियात्मक रूप कर्मकाण्ड कहलाता है। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने एक पुस्तक में जहाँ कर्मकाण्डों का महत्व और औचित्य प्रतिपादित किया है वहीं वृन्दवानस्थ पंडित विजय प्रकाश शास्त्री जैसे कुछ विद्व ...

                                               

कलियुग

कलियुग पारम्परिक भारत का चौथा युग है। आर्यभट के अनुसार महाभारत युद्ध ३१३७ ईपू में हुआ। कलियुग का आरम्भ कृष्ण के इस युद्ध के ३५ वर्ष पश्चात निधन पर हुआ। Encyclopedia of Hinduism के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के इस पृथ्वी से प्रस्थान के तुंरत बाद 3102 ...

                                               

कल्प (वेदांग)

कल्प वेद के छह अंगों में एक है जो कर्मकाण्डों का विवरण देता है। अन्य वेदांग हैं- शिक्षा, व्याकरण, निरुक्त, छंदशास्त्और ज्योतिष। अनेक वैदिक ऐतिहासिकों के मत से कल्पग्रंथ या कल्पसूत्र षट् वेदांगों में प्राचीनतम और वैदिक साहित्य के अधिक निकट हैं। षट ...

                                               

कश्यप

कश्यप ऋषि प्राचीन वैदिक ॠषियों में प्रमुख ॠषि हैं जिनका उल्लेख एक बार ॠग्वेद में हुआ है। अन्य संहिताओं में भी यह नाम बहुप्रयुक्त है। इन्हें सर्वदा धार्मिक एंव रहस्यात्मक चरित्र वाला बतलाया गया है एंव अति प्राचीन कहा गया है। ऐतरेय ब्राह्मण के अनुस ...

                                               

कात्यायिनी

कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। कात्यायनी अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्ग ...

                                               

कापालिक

कापालिएक तांत्रिक शैव सम्प्रदाय था जो अपुराणीय था। इन्होने भैरव तंत्र तथा कौल तंत्र की रचना की। कापालिक संप्रदाय पाशुपत या शैव संप्रदाय का वह अंग है जिसमें वामाचार अपने चरम रूप में पाया जाता है। कापालिक संप्रदाय के अंतर्गत नकुलीश या लकुशीश को पाश ...

                                               

कामधेनु

कामधेनु हिन्दू धर्म में एक देवी है जिनका स्वरूप गाय का है। इन्हें सुरभि भी कहते हैं। कामधेनु जिसके पास होती हैं वह जो कुछ कामना करता है उसे वह मिल जाता है। । इनके जन्म के बारे में अलग-अलग कथाएँ हैं। एक कथा के अनुसार ये समुद्र मन्थन में निकलीं थीं ...

                                               

कामाक्षी

                                               

कामाख्या

कामाख्या, देवी या शक्ति के प्रधान नामों में से एक नाम है। यह तांत्रिक देवी हैं और काली तथा त्रिपुर सुन्दरी के साथ इनका निकट समबन्ध है। इनकी कथा का उल्लेख कालिका पुराण और योगिनी तंत्र में विस्तृत रूप से हुआ है। समूचे असम और पूर्वोत्तर बंगाल में शक ...

                                               

कार्तिकेय (मोहन्याल)

कार्तिकेय उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिला में स्थापित केदारनाथ का बढा बेटा के रूप में माने जानेवाले युद्द्का राजा देवता हें। अधर्मी तारकासुर राक्षेस को मार्नेको लिए कार्तिकेयका जन्म हुआ था । गणेश पूजनीय हें तो कार्तिकेय शक्ति के राजा हें। कृ ...

                                               

कालडी

कालडि केरल के एर्नाकुलम जिले में पेरियार नदी के पूर्व में स्थित एक गाँव है। इसी गाँव में आदि शंकराचार्य का जन्म हुआ था इसलिये यह एक प्रसिद्ध तीर्थ भी है।

                                               

कालपुरुष

कालपुरुष की परिकल्पना भारतीय ज्योतिष में मिलती है जिसमें समस्त राशिचक्र को मनुष्य के शरीर के समतुल्य वर्णित किया जाता है। सारावली ग्रंथ में कहा गया है कि: शीर्षास्यबाहुह्रदयं जठरं कटिबस्तिमेहनोरुयुगम। जानू जंघे चरणौ कालस्यागांनि राशयोअजाद्या: ॥ १ ...

                                               

कालभैरवाष्टक

कलभैरवाष्टकम् आदि शंकराचार्य द्वारा संस्कृत भाषा में संपादित एक अष्टक है। इस अष्टक में कालभैरव के गुणों का वर्णन एवं स्तुति की गयी है।

                                               

कुब्जिका

                                               

कुलदेवता

कुलदेवता या कुलदेवी पूरे कुल के देवता होते हैं, न कि व्यक्तिगत देवता या ग्रामदेवता। उदाहरण के लिए, नेपाल के कीर्तिपुर के मिंशी नेवार लोग बागभैरव को कुलदेवता की तरह पूजते हैं।

                                               

कुशद्वीप

हिन्दु धर्म में विष्णु पुराण के अनुसार पृथ्वी का वर्णन इस प्रकार है। यह वर्णन श्रीपाराशर जी ने श्री मैत्रेय ऋषि से कियी था। उनके अनुसार इसका वर्णन सौ वर्षों में भी नहीं हो सकता है। यह केवल अति संक्षेप वर्णन है।

                                               

कृपालु महाराज

कृपालु महाराज एक सुप्रसिद्ध हिन्दू आध्यात्मिक प्रवचन कर्ता थे। मूलत: इलाहाबाद के निकट मनगढ़ नामक ग्राम में जन्मे कृपालु महाराज का पूरा नाम रामकृपालु त्रिपाठी था। उन्होंने जगद्गुरु कृपालु परिषद् के नाम से विख्यात एक वैश्विक हिन्दू संगठन का गठन किय ...

                                               

कैलाश (तीर्थ)

कैलास हिमालय के तिब्बत प्रदेश में स्थित एक तीर्थ है जिसे गणपर्वत और रजतगिरि भी कहते हैं। कैलास के बर्फ से आच्छादित 22.028 फुट ऊँचे शिखर और उससे लगे मानसरोवर का यह तीर्थ है और इस प्रदेश को मानसखंड कहते हैं। कदाचित प्राचीन साहित्य में उल्लिखित मेरु ...

                                               

क्रौंचद्वीप

हिन्दु धर्म में विष्णु पुराण के अनुसार पृथ्वी का वर्णन इस प्रकार है। यह वर्णन श्रीपाराशर जी ने श्री मैत्रेय ऋषि से कियी था। उनके अनुसार इसका वर्णन सौ वर्षों में भी नहीं हो सकता है। यह केवल अति संक्षेप वर्णन है।

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →